हम बिल्डिंग बाद में बनाते हैं, शौंचालय पहले

शुक्रवार की रात प्रसारित हुए टेलीविजन कार्यक्रम कौन बनेगा करोड़पति के एपिसोड में इंफोसिस फाउंडेशन की चेयरमैन सुधा मूर्ति थीं और चूंकि वे जमशेदपुर में रही हैं इसलिए मुझे पता चला तो मैं देखता रहा। इसमें उन्होंने बताया कि कर्नाटक के हुबली कॉलेज में इंजीनियरिंग के लिए एडमिशन लिया तो 599 लड़कों के बीच वो अकेली छात्रा थीं। और कॉलेज में ना महिला थी ना महिलाओं के लिए शौंचालय। व्यंग में उन्होंने कहा कि पुरुषों के लिए शौंचालय न हो तो हर जगह शौंचालय है (पर महिलाओं के मामले में ऐसा नहीं हो सकता है)। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग पढ़ने के चार साल दौरान अगर कोई कमी महसूस हुई, किसी चीज का महत्व मालूम हुआ तो वह है शौंचालय। और इसीलिए जब इंफोसिस फाउंडेशन का काम शुरू किया तो उन्होंने 16 हजार शौचालयों का निर्माण करवाया। एक वीडियो में उन्हें यह कहते हुए दिखाया गया कि हम बिल्डिंग बाद में बनाते हैं, शौंचालय पहले। मैंने संयोग से यह कार्यक्रम देख लिया वरना यही मानता रहा कि देश में शौंचालय नरेन्द्र मोदी ने ही बनवाए हैं। यही होता है प्रचार का असर। ठंडा मतलब कोका कोला।https://www.facebook.com/sanjayakumarsingh जी की वाल से 

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