ये हिंदुस्तान किसी की जागीर है क्या?

“एनआरसी-एनआरसी नाम लेते लेते एक माहौल पैदा किया जा रहा है कि आम लोग सोच रहे हैं कि हमारा क्या होगा।सभी कागजात लेकर नहीं बैठे रहते हैं. क्योंकि ये हमारा देश है, वोट डालते हैं।गरीब-आदिवासी जो हैं, पढ़े-लिखे नहीं हैं,उनके पास कागजात है क्या? सुबह उठते हैं और सोचते हैं कि रात का खाना कैसे होगा।कागजात के लिए सोचने का समय नहीं है।वो लोग डरे हैं।वो दिखाना चाहते हैं कि मुसलमान को भगाएंगे।उन्हें भगाने का हिम्मत उनमें नहीं है।मुसलमान हमारे देश के नागरिक अगर हैं तो वो क्यों भागें? हिंदुस्तान सभी के लिए है।हिंदू-मुसलमान सभी के लिए है।सभी के सहयोग से हिंदुस्तान बना है,लेकिन वो दिखाना चाहते हैं कि हिंदू को रहने देंगे और मुसलमान को भगा देंगे।ये हिंदुस्तान किसी की जागीर है क्या? सभी का अधिकार समान है। मैं तो यह कह सकता हूं कि अमित शाह जी, नरेंद्र मोदी जी आप खुद घुसपैठिए हैं,घर आपका गुजरात और आ गए दिल्ली तो

“एनआरसी-एनआरसी नाम लेते लेते एक माहौल पैदा किया जा रहा है कि आम लोग सोच रहे हैं कि हमारा क्या होगा।सभी कागजात लेकर नहीं बैठे रहते हैं. क्योंकि ये हमारा देश है, वोट डालते हैं।गरीब-आदिवासी जो हैं, पढ़े-लिखे नहीं हैं,उनके पास कागजात है क्या? सुबह उठते हैं और सोचते हैं कि रात का खाना कैसे होगा।कागजात के लिए सोचने का समय नहीं है।वो लोग डरे हैं।वो दिखाना चाहते हैं कि मुसलमान को भगाएंगे।उन्हें भगाने का हिम्मत उनमें नहीं है।मुसलमान हमारे देश के नागरिक अगर हैं तो वो क्यों भागें? हिंदुस्तान सभी के लिए है।हिंदू-मुसलमान सभी के लिए है।सभी के सहयोग से हिंदुस्तान बना है,लेकिन वो दिखाना चाहते हैं कि हिंदू को रहने देंगे और मुसलमान को भगा देंगे।ये हिंदुस्तान किसी की जागीर है क्या? सभी का अधिकार समान है। मैं तो यह कह सकता हूं कि अमित शाह जी, नरेंद्र मोदी जी आप खुद घुसपैठिए हैं,घर आपका गुजरात और आ गए दिल्ली तो आप खुद माइग्रेंट हैं।”

【अधीर रंजन चौधरी】

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